MSP Full Form Minimum Support Price

MSP FULL FORM (Minimum Support Price) 2021 न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के बारे में सारी जानकारी

Minimum Support Price 2021 | न्यूनतम समर्थन मूल्य | MSP full form | न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में सारी जानकारी अब हिंदी में

न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत की वह मूल्य नीति है जो कि भारतीय किसानों के लिए बनाया गया है न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का समर्थन मूल्य दिलवाना और साथ ही साथ उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत सुनिश्चित करना MSP का लक्ष्य है| 1965 में न्यूनतम समर्थन मूल्य का सुझाव पारित किया गया| भारत में हरित क्रांति के दौरान समर्थन मूल्य के रूप में किसानों को बहुत प्रोत्साहन मिला| इसकी सहायता से खाद्य उत्पादन में काफी वृद्धि हुई और किसानों को आर्थिक रूप से भी मदद मिली| एमएसपी का यह लक्ष्य था कि वह पीडीएस के माध्यम से खाद्य पदार्थों की खरीद और भंडारण को बनाए रखना है| किसानों द्वारा राज्यों में उगाई जाने वाली फसलें और एमएसपी के बारे में जागरूकता का पता लगाने के लिए इस पोस्ट को अंत तक पढ़े|

MSP FULL FORM:-

MSP का पूरा नाम Minimum Support Price है। जो एक मूल्य निर्धारण की नीति है। यह एक मूल्य निर्धारण प्रणाली है जोकि CACP आयोग द्वारा निर्धारित की जाती है

Minimum Support Price क्या होता है ?

MSP एक प्रकार का किसी भी फैसला या एक दाम तय करने का तरीका है। इस मे किसानों द्वारा बेची जाने वाली किसी भी फसल का सरकार द्वारा एक तय दाम निर्धारित किया जाता है। यह प्रकार की पद्धति है जो की किसानों के लिए काफी फ़ायदेमंद रहती है। किसी भी फसल द्वारा सरकार द्वारा एक तय किमत ( Minimum Support Price )  होती है जिस पर उस तय मूल्य से कम दाम नही मिलता है। 

न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत कृषि की एक बहुत ही महत्वपूर्ण मूल्य नीति है यह है नीति कृषि फसल की एक न्यूनतम मूल्य को दर्शाता है| खाद्य आपूर्ति और भंडारण में भी सहायक है| यह किसानों के दीर्घकालीन निवेश निर्णयों के लिए सुरक्षा प्रदान करता है
Minimum Support Price का अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि वह किसानों को वांछित फसल पैटर्न में संसाधनों को आवंटित करने के लिए प्रोत्साहित कर सके| किसानों को मिले सुरक्षा प्रदान की जाती है और फसलों की विविधता के लिए प्रेरित करते हैं|

Minimum Support Price

Minimum Support Price का मुख्य उद्देश्य:-

Minimum Support Price का प्रमुख उद्देश्य यह है कि किसानों को बिचौलियों के चक्कर से बचाकर उनकी उपज को अच्छा मूल्य उनको दिया जाए। यदि किसी बंपर फसल उत्पादन होने पर या बाजार में उसकी अधिकता होने की वजह से उसकी कीमत घोषित मूल्य की तुलना से कम हो जाती है तो सरकार द्वारा किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है इससे किसानों की आय में कोई उतार-चढ़ाव नहीं होता है और उनको अपने निर्धारित आय प्राप्त हो जाती हैं। मिनिमम सपोर्ट प्राइस का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को उनकी मेहनत के हिसाब से एक निर्धारित आए प्रदान की जाए जिससे वह अपना भरण-पोषण आसानी से कर पाए और आगे की फसलों पर और मेहनत कर पाए।

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किसानों को MSP की जानकारी ना होने से क्या नुकसान है:-

खरीद एजेंसिया कई बार MSP पर खाद्य पदार्थों को नहीं खरीदती है वह एमएसपी से नीचे खरीदने की कोशिश करते हैं और जब किसी किसान भाई को MSP की जानकारी नहीं होती तो वह एमएसपी की दर से नीचे ही अपनी फसल को एजेंसियों को भेज देता है| और कई बार फसलों की बाजार का मूल्य गिर जाता है और MSP की जानकारी ना होने पर किसान अपनी फसल को घाटे में भेज देता है इससे किसान को आर्थिक रूप से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है उसे उसकी फसल का पूरा पैसा नहीं मिलता

Minimum Support Price की key highlights:-

MSP किसके द्वारा प्रदान किया जाता हैकेंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा
MSP किसको प्रदान किया जाता हैदेश के किसानों को
MSP की फुल फॉर्मMinimum Support Price (न्यूनतम समर्थन मूल्य)
MSP का उद्देश्यकिसानों को निर्धारित आय प्रदान करना
MSP का लाभफसलों के उतार-चढ़ाव में किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा
MSP किसके द्वारा तय की जाती हैकृषि लागत एवं मूल्य आयोग

MSP- Minimum Support Price की जानकारी के फायदे:-

  • यदि अगर किसान भाई को पहले से ही MSP का पता हो तो वह व्यापारियों और बिचौलियों के शोषण से बच सकता है|
  • किसान अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकता है
  • यदि बाजार में खरीदी दर एमएसपी से कम है तो वह अपनी फसल बेचने से मना कर सकता है
  • MSP की जानकारी से किसान अपनी फसल का निर्धारित मूल्य ले सकता है
  • अधिकांश किसान जो फसलों के एमएसपी के बारे में जानते थे वे चावल या गेहूं उगाने वाले हैं।
  • इसकी सहायता से फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा मिलता है|

Minimum Support Price तय करने के प्रमुख प्रकार :-

  • आपूर्ति के आधार पर :- फसल पर Minimum Support Price तय करने के लिए सबसे पहला फैक्टर होता है आपूर्ति का आधार, इससे यह तय किया जाता है की किस प्रकार से फसल का उत्पादन किया गया है। इसके लिए फसल की जरूरत के हिसाब से आपूर्ति को देखा जाता है और एमएसपी को निर्धारित किया जाता है
  • उत्पादन की लागत:- Minimum Support Price तय करने का दूसरा मुख्य फैक्टर है उत्पादन की लागत, किसी फसल का उत्पादन करने की औसतन लागत के आधार पर भी यह तय किया जाता है। 
  • फसल की वर्तमान कीमत :- जिस फसल पर Minimum Support Price तय करना है उस फसल पर यह भी देखा जाता है की इस फसल की वर्तमान मे देश अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मे कीमत क्या चल रही है| CACP फसल की एमएसपी की घोषणा से पहले अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उन फसलों की कीमत को भी देखा जाता है

किसानों को फसल समूहों द्वारा Minimum Support Price के बारे में जागरूकता:-

हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ के अधिकतर किसानों को चावल और गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी है जबकि इसकी दूसरी तरफ आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों में चावल और गेहूं के MSP का ज्ञान बहुत ही कम है दलहनी फसलें जैसे तुवर और ग्राम के समर्थन मूल्य की जानकारी काफी राज्यों में कम देखी गई है भारतीय कृषि द्वारा देहलन उत्पादन को बढ़ाने और समर्थन मूल्य को प्रोत्साहन के रूप में कार्य कर सकता है यदि सरकार द्वारा ऐसी खरीद प्रणाली बनाई जाए जिसमें किसान अपनी फसल एमएसपी पर बेच सकता है
इससे किसानों को अपने समर्थन मूल्य का लाभ पहुंचेगा और मूल्य सुरक्षा प्रदान करने में भी सक्षम हो सकेंगे|

फसलों के MSP के बारे में किसानों की जागरूकता (%) :-

राज्यरबीखरीफ
पंजाब52.9448.93
छत्तीसगढ37.0947.20
दिल्ली64.2941.18
ओडिशा9.8536.23
हरियाणा32.1027.80
उत्तर प्रदेश22.4327.59
बिहार22.8427.49
पश्चिम बंगाल19.29२६.२३
तेलंगाना30.8225.32
केरल19.4722.09
राजस्थान Rajasthan20.9015.06
आंध्र प्रदेश14.3514.60
कर्नाटक14.6113.97
झारखंड4.9613.25
हिमाचल10.2413.24
मध्य प्रदेश30.4712.19
गुजरात9.9712.02
उत्तरांचल9.149.81
जम्मू और के6.038.21
महाराष्ट्र8.008.19
तमिलनाडु15.127.71
अरूणाचल7.396.49
त्रिपुरा21.505.99
मिजोरम0.304.24
असम3.884.09
नगालैंड1.963.87
चंडीगढ़6.673.13
मेघालय12.521.33
मणिपुर0.140.48
सिक्किम0.000.00

Minimum Support Price तय करने वाला आयोग:-

भारत मे Minimum Support Price ( न्यूनतम समर्थन मूल्य ) CACP यानी कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा तय किया जाता है। वैसे तो भारत मे लगभग सभी प्रकार की फसलो का MSP मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा तय किया जाता है परन्तु गत्रे की फसल का गत्रा आयोग तय करता है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान मे लगभग 23 फसलो पर Minimum Support Price तय किया जाता है जिसमे लगभग 7 प्रकार के अनाज ओर 5 प्रकार के तिलहन है इसके अलावा और भी अन्य फसले है। 

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Minimum Support Price के प्रमुख लाभ :-

यदि बाजार में किसी फसल का समर्थन मूल्य कम हो तो उसे एमएसपी पर उपज को खरीदना चाहिए| किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी है और बाजार में फसल का समर्थन मूल्य कम है तो किसान अपनी उपज को बेचने से मना कर सकता है भारत में खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए जागरूकता लगभग 17% है| MSP की घोषणा अलग-अलग मौसम में केवल चयनित फसलों के लिए की जाती है| न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा मौसम के अनुसार और फसलों की उपज को देखकर की जाती है| MSP के लागू होने के 40 वर्ष बाद भी सिर्फ 25% से भी कम किसानों को इसकी जानकारी है|

CACP क्या है?

CACP का फुल फॉर्म:-  Commission for Agricultural Costs & Prices. CACP एक भारत सरकार के कृषि और कृषि कल्याण मंत्रालय का एक माध्यम है| एमएसपी की घोषणा और फसलों की एमएसपी CACP की आदेशों के आधार पर ही सरकार द्वारा घोषित की जाती है| CACP के द्वारा ही फसलों की एमएसपी निर्धारित की जाती है| सीएसीपी का काम खरीफ और रबी में उगाई जाने वाली फसलों के लिए सरकार को मूल्य नीति रिपोर्ट प्रदान करते हैं सीएसीपी की अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://cacp.dacnet.nic.in/

APMC (Agricultural Produce Market Committee) Act के बारे में जानकारी :-

Agricultural Produce Market Committee भारत यह एक प्रकार का कानून है जो हर राज्य मे लागू किया गया है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर सेवाएं व सुविधाएँ प्रदान करना है। इस कानून मे किसानों के हितों को काफी महत्व दिया जाता है। इसका पूरा नाम कृषि उपज विपणन समिति कानून है। आजादी के बाद भारत में गाँवों की Whole Distribution System को साहूकार या व्यापारी ( Businessmen ) नियंत्रित करते थे , जिससे किसानों को बहुत कम लाभ होता था ,इससे छुटकारा पाने के लिए और कृषकों को लाभ पहुँचाने के लिए राज्य सरकारों ने कृषि बाजार स्थापित किये, जिसके लिए Agricultural Produce Market Committee कानून को लागू किया।

निष्कर्ष:-

न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसानों को मूल्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारतीय कृषि नीति का महत्वपूर्ण अंग माना गया है| समर्थन मूल्य का मूल रूप से उद्देश्य अधिकांश फसलो और मूल्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है और हमने इस पोस्ट में यह जाना कि 75% से अधिक भारतीय किसानों के द्वारा उगाई गई फसलों के एमएसपी के बारे में जानकारी ही नहीं है और इसकी जानकारी ना होने से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है देखा जाए तो चावल और गेहूं के मामले में भी अधिक जागरूकता है| हरियाणा पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राइवेट एजेंसियों द्वारा भारी मात्रा में अनाज की खरीद की जाती है MSP की जागरूकता फसल विशेषज्ञता की ओर ले कर जाती है|

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